मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन: 456 किमी पिलर तैयार, सिर्फ 9 किमी बाकी; देखें ट्रैक और काम का ताज़ा हाल

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन में 456 किमी पिलर और 371 किमी वायडक्ट तैयार हो चुके हैं। जानिए ट्रैक बिछाने, बिजली के खंभों और 2027 के पहले ट्रायल का ताज़ा अपडेट।

◆ काम का ताज़ा स्कोरकार्ड:

पिलर (Piers): 456 किमी तैयार (सिर्फ 9 किमी बाकी)

वायडक्ट (पुल ढांचा): 371 किमी पूरा

ट्रैक बिछाने का काम: 98 किमी पूरा

बिजली के खंभे (OHE): 9,300 से ज्यादा लग चुके (कुल 22,000 में से)

साउंड बैरियर: 301 किमी में लगाए गए

नदी और स्टील पुल: 18 नदी पुल और 16 बड़े स्टील पुल तैयार

देश की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना (MAHSR) अब सिविल निर्माण के प्राथमिक स्तर को पार कर ट्रैक और सिस्टम इंस्टॉलेशन के दौर में प्रवेश कर चुकी है। रेल मंत्रालय और नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) द्वारा साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 508 किलोमीटर लंबे पूरे कॉरिडोर में से केवल 465 किलोमीटर का हिस्सा एलिवेटेड (वायडक्ट पर) है, जबकि शेष भाग में 21 किलोमीटर की अंडरसी व अंडरग्राउंड टनल और जमीनी ट्रैक शामिल हैं। इस 465 किलोमीटर एलिवेटेड हिस्से में से 456 किलोमीटर पियर (खंभे) तैयार किए जा चुके हैं। इसका अर्थ यह है कि पियर निर्माण का 98 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और अब केवल 9 किलोमीटर का अंतिम स्ट्रेच शेष है।

पियर के साथ-साथ सुपरस्ट्रक्चर और ट्रैक बिछाने के काम ने भी गति पकड़ी है। अब तक 371 किलोमीटर लंबे वायडक्ट का निर्माण संपन्न हो चुका है, जिसके ऊपर जापानी शिंकानसेन की आधुनिक जे-स्लैब (J-Slab) तकनीक से 98 किलोमीटर ट्रैक लिंकिंग पूरी कर ली गई है। इसके समानांतर हाई-स्पीड संचालन के दौरान ध्वनि प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए 301 किलोमीटर हिस्से में नॉइज़ बैरियर लगाए जा चुके हैं। वहीं विद्युतीकरण के मोर्चे पर, पूरे रूट के लिए प्रस्तावित कुल 22,000 ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) मास्ट में से 9,300 से अधिक खंभे 206 किलोमीटर के दायरे में खड़े किए जा चुके हैं।
इस परियोजना में दो बड़े इंजीनियरिंग मील के पत्थर विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। पहला, साबरमती नदी पर 480 मीटर लंबा और 36 मीटर ऊंचा रेल पुल बनकर तैयार हो चुका है, जिसकी ऊंचाई लगभग 12 मंजिला इमारत के बराबर है। दूसरा, वडोदरा में व्यस्त दिल्ली-मुंबई राजधानी मेन लाइन के ऊपर बिना रेल यातायात रोके सभी 14 स्पेशल पोर्टल बीम्स की स्थापना सुरक्षित रूप से पूरी कर ली गई है। इसके अलावा 18 नदी पुल, 16 भारी स्टील सुपरस्ट्रक्चर ब्रिज और महाराष्ट्र सेक्शन में 4 माउंटेन टनल की खुदाई का काम भी पूरा हो चुका है।

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वडोदरा में दिल्ली-मुंबई राजधानी रेलवे लाइन के ऊपर स्थापित बुलेट ट्रेन के 14 स्पेशल पोर्टल बीम - NHSRCL


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साबरमती रिवर ब्रिज - NHSRCL

टाइमलाइन की बात करें तो गुजरात के वापी से सूरत सेक्शन का सिविल निर्माण दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तुरंत बाद इस हिस्से पर इंटीग्रेटेड ट्रायल रन शुरू होंगे। वर्ष 2027 में सूरत से बिलिमोरा के बीच 50 किलोमीटर के पहले स्ट्रेच पर बुलेट ट्रेन का व्यावसायिक संचालन शुरू करने की योजना है। 320 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से चलने वाली यह ट्रेन मुंबई और अहमदाबाद के बीच की दूरी को घटाकर मात्र 2 घंटे 7 मिनट में समेट देगी।

वीडियो रिपोर्ट: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन की ज़मीनी प्रगति, साबरमती ब्रिज और ट्रैक लिंकिंग का विस्तृत वीडियो विश्लेषण यहाँ देखें:

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