झांसी–बीना तीसरी रेल लाइन पूरी: दिल्ली–भोपाल रूट को कैसे मिला सीधा फायदा?

उत्तर मध्य रेलवे ने झांसी–बीना तीसरी रेल लाइन (153 किमी) का निर्माण कार्य 15 अक्टूबर 2026 को पूरी तरह संपन्न कर लिया है। इस परियोजना के अंतिम हिस्से (आगासोद–बीना) पर सफल सीआरएस स्पीड ट्रायल के बाद पहली ट्रेन 12652 तमिलनाडु संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को रवाना किया गया।

1. झांसी–बीना तीसरी लाइन: क्या-क्या काम पूरा हुआ?

अंतिम खंड की पूर्णता: परियोजना का अंतिम शेष हिस्सा आगासोद से बीना स्टेशन के बीच था, जिसका निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है।

सीआरएस निरीक्षण व स्पीड ट्रायल: 15 अक्टूबर 2026 को रेल संरक्षा आयुक्त (CRS, पूर्वोत्तर परिक्षेत्र) ई. श्रीनिवास द्वारा इस नवनिर्मित ट्रैक का सफल निरीक्षण और 120 किमी/घंटा का स्पीड ट्रायल संपन्न हुआ।

पहली ट्रेन का संचालन: काम पूरा होते ही इस नए ट्रैक से पहली ट्रेन के रूप में 12652 नई दिल्ली–मदुरै तमिलनाडु संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को निकाला गया।

ट्रैक स्पेसिफिकेशन्स: ट्रैक को 60kg 90 UTS हेवी रेल्स और डीप बैलास्ट कुशन के साथ तैयार किया गया है, जो 150 से 160 किमी/घंटा की गति क्षमता के लिए उपयुक्त है। वर्तमान में इस पर 130 किमी/घंटा की गति से संचालन की मंजूरी दी गई है।

स्वीकृति व लागत: लगभग 152.57 किमी (153 किमी) की इस परियोजना को केंद्रीय कैबिनेट द्वारा ₹2,024 करोड़ की अनुमानित लागत से स्वीकृति मिली थी, जिसका निर्माण मार्च 2018 से चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा था।

Jhansi - Bina 3rd Rail Line Map
Jahnsi - Bina 3rd Rail Line

2. दिल्ली से भोपाल ट्रैक कैलकुलेशन: 3rd ट्रैक कैसे बिछा है?

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (0 किमी) से भोपाल जंक्शन (703 किमी) तक पूरे रेलमार्ग का गणित बेहद सीधा और रोचक है। दिल्ली से निकलते ही मथुरा जंक्शन (141 किमी) तक पहले से 4 लाइनें पूरी तरह चालू हैं। मथुरा से आगे कीठम (172 किमी) तक का 31 किमी का ट्रैक भी तीसरी लाइन से जुड़ चुका है। कीठम से आगे राजा की मंडी और आगरा कैंट को बाईपास करने वाला कीठम–भांडई रेल लिंक (26.5 किमी) वर्तमान में 82% पूर्ण हो चुका है और इसका लक्ष्य दिसंबर 2026 है। इसके तुरंत बाद भांडई से धौलपुर (49.5 किमी), धौलपुर से झांसी (162.5 किमी), झांसी से बीना (153 किमी) और बीना से भोपाल जंक्शन (139 किमी) तक का कुल 504.5 किमी का पूरा हिस्सा लगातार ट्रिपल लाइन पर ऑपरेशनल हो चुका है। इसका सीधा हिसाब यह है कि दिल्ली से भोपाल के कुल 703 किमी में से 676.5 किमी (लगभग 96.2% हिस्सा) पर अब 3 या 4 लाइनें चालू हो चुकी हैं, और केवल आगरा के पास 26.5 किमी का बाईपास लिंक बनना बाकी है।

3. दिल्ली–भोपाल रूट पर इसका सीधा फायदा

धौलपुर से भोपाल तक 455 KM का लगातार 3-ट्रैक कॉरिडोर: धौलपुर से झांसी (162.5 किमी), झांसी से बीना (153 किमी) और बीना से भोपाल (139 किमी) के आपस में जुड़ने से अब लगातार 455 किलोमीटर तक बिना किसी रुकावट के ट्रिपल लाइन उपलब्ध हो गई है।

मालगाड़ी और पैसेंजर ट्रेनों का अलग ट्रैक: मालगाड़ियों और धीमी ट्रेनों को तीसरी लाइन पर चलाकर मुख्य दो लाइनों को वंदे भारत, राजधानी और शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनों के लिए खाली रखा जा सकेगा।

सफर समय में 30 से 45 मिनट की कटौती: 130 किमी/घंटा की गति से निर्बाध संचालन मिलने के कारण दिल्ली से भोपाल के बीच ट्रेनों की औसत गति में इजाफा होगा।

नई ट्रेनों के संचालन के लिए स्लॉट्स: अतिरिक्त लाइन क्षमता मिलने से रेलवे इस रूट पर नई वंदे भारत, अमृत भारत और समर स्पेशल ट्रेनों के लिए नए टाइम-स्लॉट जारी कर सकेगा।

मेंटेनेंस के दौरान निर्बाध ट्रैफिक: किसी एक लाइन पर मेंटेनेंस कार्य चलने के दौरान भी अन्य दो लाइनें ट्रेनों के आवागमन के लिए पूरी तरह सक्रिय रहेंगी।

झांसी–बीना तीसरी लाइन और दिल्ली–भोपाल रूट के पूरे रूट मैप को विस्तार से समझने के लिए पूरा वीडियो यहाँ देखें 👉

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